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वागड़ी वेबसाइट माय तमारो स्वागत !

वाला भाई बेनो , ईसू मसीह ना नाम मा तमई नमस्कार!

अणी वेबसाईट हुँ तमई मलवानो मोको मळ्यो हे, तणी अमँ परमेसर नो धन्यवाद करँ हँ,के तमँ अणी वेबसाईट माय आया। अणी वेबसाईट हुँ तमई धरम सास्तरमा नी कईक वात हीकवा मळहीँ। अमँ एवी आसा करँ हँ के जेरँ तम पोत्तेस आत्मा माय बढवा हारु अणी वेबसाईट नी वात (सामग्री) काम माय लेहोते अणी वेबसाईट नी वात(सामग्री) तमई आत्मा माय बढवा नी सान्ती आलवा माय मदत करहीँ। परमेसर तमई आसिस आले!

 

परिसय

वागड़ी (भीलीभासा ने ओळकण

वागड़ी (भीलीभासा राजस्थान ने दक्खिण उदयपुर जिला ने खेरवाड़ाझाडोलसलूम्बरबांसवाडाडूंगरपुरप्रतापगढ नी गुजरात ने साबरकांठा नी पंचमहल जिलो मा बोलवा वाली एक बोली हे। ये वागड़ी (भीलीभासा अणा इलाका मा बोलवा वाली भासा मानजी जाए हे नी हो हू वदार जाति ने मनक अणी भासा ने बोली हे।

वागड इलाका मा कईक ईसाई नी संगठन आजर हे। खास तोर हू चर्च ऑफ नॉर्थ इण्डियारोमन कैथोलिक नी बिलिवर्स चर्च ऑफ इण्डियाब्लेसिंग यूथ मिशनफिलाडेल्फिया फेलोशिपपेंटेकोस्टल नी इण्डिपेंडेंट मिशन चर्च स्थापना मे काम करी हे।
 

पहचान

ई लोकां रो आपस म आ पड़ोसियूं सूं घणो गाड़ो मेल है। ई लोक बोली म नरम आ स्वभाव सूं मददगार होवे है।

आबादी
2011 री जनगणना म भारत म वागड़ी भासा बोलणारा लोकां री संख्या 33,90,000 बताई गई है।

वागड़ी इलाको को नक्शो

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